अच्छाई और बुराई का सह-अस्तित्व"

संपादकीय: 
30 जनवरी 2025
"अच्छाई और बुराई का सह-अस्तित्व"
अच्छाई और बुराई दो ऐसे शब्द हैं जो हमारे जीवन में हमेशा साथ-साथ रहते हैं। लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि अच्छाई और बुराई का सह-अस्तित्व क्या है? और क्या हमें अच्छाई और बुराई को अलग-अलग देखना चाहिए या फिर उन्हें एक दूसरे के साथ जोड़कर देखना चाहिए?
अच्छाई और बुराई का सह-अस्तित्व एक ऐसी बात है जो हमें हमेशा याद रखनी चाहिए। अच्छाई, बुराई के साथ सह-अस्तित्व में रहती है और जब तक बुराई ना हो, तब तक अच्छाई भी नहीं हो सकती। यही वजह है कि हमें अच्छाई और बुराई को अलग-अलग देखने की बजाय उन्हें एक दूसरे के साथ जोड़कर देखना चाहिए। यहां मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
बेहतरीन लोग कभी खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की कोशिश नहीं करते। अच्छाई और बुराई एक दूसरे से कहीं ज्यादा जुड़ी हुई हैं, जितना लोग उन्हें श्रेय देते हैं । अच्छाई, बुराई के साथ सह-अस्तित्व में रहती है और जब तक बुराई ना हो, तब तक अच्छाई भी नहीं हो सकती। समाज को लाभ पहुंचाने वाली हर चीज अच्छी होती है, वहीं लाभ ना पहुंचाने वाली हर चीज बुराई की श्रेणी में आती हैं।
कहते हैं कि बलशाली होकर भी क्षमा करने वाला और गरीब होकर भी दान करने वाला हमेशा आदरणीय होता है। इसलिए बुराई को स्वयं में ढूंढो और अच्छाई को दूसरो में तलाश करो, यही असली कमाई है जो आप के साथ जायेगी क्योंकि उजाला तो उनका होता है जो बार बार हारने के बाद भी कुछ पाने की उम्मीद रखते है। बाकी -: सांसें किसी का इंतजार नहीं करती, चलती हैं या चली जाती है।
समाज को लाभ पहुंचाने वाली हर चीज अच्छी होती है, वहीं लाभ ना पहुंचाने वाली हर चीज बुराई की श्रेणी में आती हैं। इसलिए, हमें अपने जीवन में अच्छाई और बुराई को समझने की कोशिश करनी चाहिए और अच्छाई को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए।
बेहतरीन लोग कभी खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की कोशिश नहीं करते। वे हमेशा दूसरों की भलाई करने की कोशिश करते हैं और अच्छाई को बढ़ावा देते हैं। इसलिए, हमें भी बेहतरीन लोगों की तरह बनने की कोशिश करनी चाहिए और अच्छाई को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए।
इसलिए, हमें अच्छाई और बुराई को समझने की कोशिश करनी चाहिए और अच्छाई को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए। हमें बेहतरीन लोगों की तरह बनने की कोशिश करनी चाहिए और अच्छाई को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए। यही वजह है कि हमें अच्छाई और बुराई का सह-अस्तित्व समझने की कोशिश करनी चाहिए और अच्छाई को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए।

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