यूजीसी कानून में बदलाव : शिक्षा सुधार या भ्रम का विरोध?
संपादकीय@हरेश पंवार 30 जनवरी 2026 *यूजीसी कानून में बदलाव : शिक्षा सुधार या भ्रम का विरोध?* देश में शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता की नींव है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कानूनों में समय-समय पर बदलाव किए जाते रहे हैं। हाल ही में यूजीसी कानून में हुए संशोधनों को लेकर देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। यह विरोध कई सवाल खड़े करता है—क्या यह कानून वास्तव में किसी वर्ग के खिलाफ है या फिर शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाने की कोशिश? यह मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है। *कानून का उद्देश्य क्या है?* यूजीसी से जुड़े कानूनों का मूल उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना, प्रशासनिक अनियमितताओं पर रोक लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र के साथ जाति, वर्ग या सामाजिक पहचान के आधार पर भेदभाव न हो। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, अनुच्छेद ...