जनसत्ता बनाम जनविरोध: राजस्थान की राजनीति के वर्तमान सियासी संवाद ?
संपादकीय 31 जुलाई 2025 *"जनसत्ता बनाम जनविरोध: राजस्थान की राजनीति के वर्तमान सियासी संवाद ?"* झालावाड़ की स्कूल त्रासदी के बाद राजस्थान की राजनीति इस वक्त बेहद संवेदनशील चौराहे पर खड़ी नजर आ रही है। यहां यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि यह विकास की रफ्तार है या फिर सत्ता का रिवर्स गियर? – आज राजस्थान की राजनीति पर जिस तरह से सवालों की बौछार हो रही है। इस संदर्भ में मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है। एक ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी सरल, प्रशासनिक -निष्ठ और तकनीक-समर्थ सरकार की छवि बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के कई निर्णय — या यूं कहिए पूर्ववर्ती योजनाओं को ठंडे बस्ते में डालना — जनता के भीतर असंतोष और राजनीतिक संदेह की चिंगारी भड़का रहे हैं। विपक्ष का यह आरोप कि भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की लोकहितकारी योजनाओं को बिना मूल्यांकन बंद कर दिया, नवगठित जिला मुख्यालयों को निरस्त किया, और अब पंचायत राज परिसीमन में सत्ताधारी दल के प्रतिनिधियों की मर्जी को मानक बना दिया — यह सब राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा प्रहार प्रतीत ह...