पचेरी की बहू नीलम सोनी ने अंग्रेजी विषय में किया नेट जेआरएफ क्वालिफाइड।

*पचेरी की बहू नीलम सोनी ने अंग्रेजी विषय में किया नेट जेआरएफ क्वालिफाइड।* 
लाइब्रेरी में रीट की तैयारी करने आई थी भीम प्रज्ञा सेंट्रल लाइब्रेरी के मोटिवेशन सेमिनार में नेट के टिप्स सुनकर बदला प्लान, नेट एक्जाम दिसंबर 2024 में हुई शामिल 93.84 प्रतिशत अंकों से मिली सफलता। 

 *भीम प्रज्ञा न्यूज़ पचेरी।* एक मार्च 2025 

कहते हैं जुबा के दो मीठे बोल कब किसी की जिंदगी बदल दे पता नहीं चलता। कौन व्यक्ति, किससे ,कब प्रभावित हो जाए? यह भी नहीं पता चलता। लेकिन मोटिवेशन के दो शब्द यदि जहीन में छप जाए तो छुपे हुए हुनर को छपने योग्य बनाया जा सकता है।
मान लेने से केवल हल निकल सकता है लेकिन ठान लेने से जीवन की कायनात बदल सकती है। परिस्थितियों कुछ भी हो लेकिन आत्मविश्वास व इच्छाशक्ति और लक्ष्य अचीव करने की अभिलाषा हो तो विषम परिस्थितियों में भी सफलता के परचम लहराएं जा सकते हैं। इसलिए सफलता की सीढ़ियां पर चढ़ने के लिए सही दिशा और उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। 
सामाजिक परंपरा और रीति रिवाजों के बंधन के बीच से मार्ग निकालने के लिए महिलाएं यदि ठान लें कि उन्हें अपने सफलता के परचम लहराते हैं तो वह कन्वेंस कर न केवल परिवार को अपने पक्ष में कर लेती हैं बल्कि अपनी काबिलियत के बल पर मार्ग प्रशस्त कर ही लेती है।

भीम प्रज्ञा आपसे सक्सेस वूमेन स्टोरी साझा करते हुए एक ऐसी महिला की कहानी साझा करने जा रहा है। जो घूंघट की ओट में ससुराल में पढ़ाई शुरू कर अपनी गरीबों की हालत को बदलने का संकल्प लें  चुकी है।

 पचेरी कला निवासी संदीप सोनी पुत्र हेमराज सोनी व उनकी पत्नी नीलम सोनी बीएड की पढ़ाई कर शिक्षक बनने हेतु रीट की तैयारी करने के लिए भीम प्रज्ञा सेंट्रल लाइब्रेरी बुहाना रोड पचेरी बड़ी आना शुरू किया। जब उन्हें यह पता चला कि सेंट्रल लाइब्रेरी दिन-रात चलती है तो उन्होंने एक ही सीट को बुक करवाते हुए उसे समयावधि में दो भागों में बाटते हुए  दिन में नीलम सोनी और रात को संदीप सोनी पढ़ना शुरू किया।दोनों पढ़ने में बड़े मन लगाकर कंपटीशन की तैयारी में जुटे थे। लेकिन परिवार की जिम्मेवारी घर गृहस्ती और बच्चों के लालन पालन के लिए रोजगार की आवश्यकता हुई तो घर में ट्यूशन पढ़ना शुरू किया संदीप ने एक प्राइवेट स्कूल जॉइन किया। दिन में नीलम सोनी लाइब्रेरी में पढ़ाई करती और रात को सास ससुर की सेवा व बच्चों की देखभाल और संदीप दिन में स्कूल में पढ़ाना और रात को लाइब्रेरी में पढ़ने का जुनून लिए इस दंपति के जुनून को लाइब्रेरी में पढ़ने वाले हर युवा ने प्रेरणा के रूप में  देखा। 
नीलम सोनी की जिज्ञासा और आगे बढ़ने की जिजीविषा ने अन्य स्टूडेंट के रूप लिए प्रेरक स्टूडेंट के रूप में परिचय दिया।।
  नीलम सोनी ने नेट जेआरएफ क्वालिफाइड करने के संदर्भ में एक रोचक जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह सेंट्रल लाइब्रेरी में शिक्षक बनने के लिए रीट परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी।  उन्हें याद है 17 जनवरी 2023 को नोबल स्कूल देवलावास में बतौर चीफ गेस्ट पूर्व गृह सचिव आईएएस पीसी बेरवाल साहब आए हुए थे। उसी दौरान सेंट्रल लाइब्रेरी के संस्थापक हरेश पंवार सर के साथ उनके बहुत करीबी आईएएस पीसी बेरवाल साहब भी हमारी लाइब्रेरी का विजिट करने आए हुए थे। लाइब्रेरी में पढ़ने वाले सभी स्टूडेंट से परिचय  करते हुए जब उनकी सीट के पास पहुंचे  तो नीलम बताती है कि घूंघट की ओट में शरमाते हुए उसने धीमे से अपना नाम बताते हुए अपनी योग्यता में एमए इंग्लिश से होना बताया। वे बड़े प्रभावित हुए और वही खड़े खड़े सर ने मुझे कई प्रेरित बातें कही। इसी दौरान सेंट्रल लाइब्रेरी के लोन में मोटिवेशनल कार्यशाला का आयोजन भी हुआ। वह पहली बार लाइब्रेरी के मोटिवेशनल सेमिनार में शामिल हुई। वहां कई महत्वपूर्ण टिप्स बताएं गए। स्पेशली उन्हें नेट एग्जाम में शामिल होने के लिए बताया। आईएएस पीसी बेरवाल साहब ने कहा कि बेटा नीलम आप नेट जेआरएफ क्वालिफाइड कर पीएचडी कर सकती है। कॉलेज प्रोफेसर बन सकते हैं। नीलम कहती है कि उसी मोटिवेशनल सेमिनार में उनके हस्बैंड संदीप सोनी भी साथ थे। हमने घर जाकर नेट एग्जाम में शामिल होने का प्लान बनाया। घर पर छोटे बच्चों को वे ट्यूशन पढ़ाते और कुछ बच्चे की फीस कलेक्ट कर उनके पति संदीप सोनी ने नेट  एग्जाम से संबंधित अंग्रेजी विषय के सिलेबस की पुस्तकें खरीद कर उसे लाकर दी। उसने जमकर तैयारी की और उन्हें यह सफलता मिली है। 
   नीलम सोनी ने आगे बताया कि ससुराल में आकर सेंट्रल लाइब्रेरी जैसे प्लेटफार्म मिलने से उनकी पढ़ने और आगे बढ़ने की जिज्ञासा जो तालीम मिली वह काफी प्रेरणादायक है। सेंट्रल लाइब्रेरी का मोटिवेशनल शानदार वातावरण और समय-समय पर एक्सपर्ट लोगों को बुलाकर उनके एक्सपीरियंस साझा करवाने वाले मोटिवेशनल सेमिनार काफी रोचक होते हैं।
 मोटिवेशनल सेमिनार से उसने यह सीखा कि एक प्रकार से पारिवारिक उलझन में उलझी बहू बेटियों के लिए प्रतियोगिता की तैयारी करने का जबरदस्त माहौल सेंट्रल लाइब्रेरी में है। जब उनके हस्बैंड संदीप ने लाइब्रेरी के बारे में उसे बताया तो पहले दिन शर्माते हुए घूंघट की ओट में कोने की सीट पर बैठी रही। पूरे दिन भर स्टूडेंट से भारी लाइब्रेरी में शांत वातावरण और लाइब्रेरी में लगे हुए बहुत सारे मोटिवेशनल अवार्ड्स को निहारती रही।
    नीलम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बच्चों के प्यार की कुर्बानी और सास ससुर व माता-पिता तथा गुरुजनों के आशीर्वाद को देते हुए कहा कि उनके हस्बैंड संदीप सोनी के बिना यह सफलता मिलनी असंभव थी। लेकिन भीम प्रज्ञा सेंट्रल लाइब्रेरी के संस्थापक हरेश पंवार सर के मोटिवेशन को विशेष श्रेय जाता है। नीलम ने बताया कि यह एग्जाम क्वालिफाइड के बाद उनका हौसला बढ़ा है। निश्चित रूप से अब न केवल वह एक साधारण शिक्षक बनेगी बल्कि वह अब प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर अच्छे मुकाम तक पहुंचेगी।

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