जिंदगी की उत्तरपुस्तिका
संपादकीय Haresh Panwar@ 3 September 2024
जरूरत से ज्यादा सोच कर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते हैं, जो असल में है भी नहीं । किसी को नसीहत के फूल देते वक्त, खुद उसकी खुशबू लेना मत भूलिए । हो सके तो अपनी जिंदगी की उत्तर पुस्तिका को खुद जांचिए । लोग अपने हिसाब से जांचेंगे तो फैल ही करेंगे क्योंकि ईगो वह दौड़ है, जहां अक्सर जीतने वाला हार जाता है ।
इसलिए संपत्ति का गुरुर कभी ना करना, आपकी बीमारी या विशेष आयोजन में फैसला दूसरे लेते हैं कि आपके पैसे आप पर खर्च करने है या नहीं। ऐसी स्थिति में स्वावलंबी बनना सीखें। बाकी कुछ ऐसा काम करो कि आपके माता-पिता गर्व से अपनी प्रार्थना में कहें कि "हे प्रकृति रुपी ईश्वर, हमें हर जन्म में ऐसी ही संतान देना"यहां मैं विश्लेषण के तौर पर बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
जिंदगी की उत्तरपुस्तिका यह एक विचार है जो हमें अपनी जिंदगी को एक नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करता है। हम अक्सर अपनी जिंदगी की समस्याओं को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत करते हैं, जो वास्तव में उतनी बड़ी नहीं होती हैं। हमें अपनी जिंदगी की उत्तरपुस्तिका को खुद जांचना चाहिए, ताकि हम अपनी गलतियों को सुधार सकें और अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकें।
लोग हमेशा अपने हिसाब से हमारी जिंदगी को जांचते हैं, लेकिन हमें अपनी जिंदगी को खुद जांचना चाहिए। हमें अपने ईगो को नियंत्रित करना चाहिए, क्योंकि ईगो हमें अक्सर हार की ओर ले जाता है।
संपत्ति का गुरुर कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि संपत्ति हमेशा साथ नहीं रहती है। हमें स्वावलंबी बनना चाहिए और अपनी जिंदगी को अपने हाथों में लेना चाहिए। हमें ऐसा काम करना चाहिए जिससे हमारे माता-पिता गर्व महसूस करें और वे अपनी प्रार्थना में कहें कि "हे प्रकृति रुपी ईश्वर, हमें हर जन्म में ऐसी ही संतान देना"।
इसलिए, हमें अपनी जिंदगी को एक नए दृष्टिकोण से देखना चाहिए और अपनी जिंदगी की उत्तरपुस्तिका को खुद जांचना चाहिए। हमें अपने ईगो को नियंत्रित करना चाहिए और स्वावलंबी बनना चाहिए। हमें ऐसा काम करना चाहिए जिससे हमारे माता-पिता गर्व महसूस करें और हम अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकें।
जीवन में कभी अहंकार का हेवी में होने दे। जीवन में होता चढ़ावा आता है जीवन की उत्तराई में धैर्य नहीं होना चाहिए और जीवन की चढ़ाई पर अहंकार नहीं बपराना चाहिए।
जीवन का मजा और अहंकार दो अलग-अलग चीजें हैं जो अक्सर एक दूसरे से जुड़ जाती हैं। जीवन का मजा लेने के लिए हमें अपने आपको अच्छी तरह स्वस्थ और आकर्षित रखना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही हमें सावधान भी रहना चाहिए कि हम अहंकार की चादर ओढ़ न लें।
अहंकार हमें दूसरों को नीचा दिखाने और अपने आपको ऊपर दिखाने की ओर ले जाता है, जो जीवन को खोखला बना देता है। जीवन को सरल और सहज तरीके से जीना चाहिए, बिना किसी अहंकार के।
जीवन का मजा लेने के लिए हमें अपने आपको अच्छी तरह स्वस्थ और आकर्षित रखना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हम दूसरों के साथ कैसे पेश आते हैं। हमें दूसरों को नीचा नहीं दिखाना चाहिए और न ही उनको नीचा देखना चाहिए।
जीवन को जीने का सही तरीका यह है कि हम अपने आपको अच्छी तरह स्वस्थ और आकर्षित रखें, लेकिन साथ ही हम दूसरों के साथ भी अच्छा व्यवहार करें। जीवन को सरल और सहज तरीके से जीना चाहिए, बिना किसी अहंकार के।
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