बचपन: जीवन की सबसे अनमोल अवस्था।

संपादकीय। 
2 अक्टूबर 2024 

*बचपन: जीवन की सबसे अनमोल अवस्था।* 
कोई लौटा दे मेरे बचपन को.... गीत को सुनकर मन अलादीत हो उठता है। बचपन की कुछ यादें जीवन भर की धरोहर में शामिल हो जाती है जब भी बचपन के शाखा से हम मिलते हैं तो वह मधुर यादें, शरारते यह सब याद करके हम अपने मासूमियत वाले बचपन की यादों के सहारे कई बार जीवन की उतराई में खुद के बचपन के समीप चले जाते हैं। वैसे तो बचपन शब्द ही मासुमियत और स्नेह से भरा हुआ है। बचपन को याद कर हमारा मन करता है कि चिंता और द्वेष रहित यह अवस्था यों ही अनवरत चलती रहे, लेकिन यह सम्भव नहीं है तो फिर क्यों ना किसी भी आयु में हम बचपन के मनोहर पल चुरा अपनी झोली में भरकर आनंदविभोर हो लें। ऐसे में थोड़ा सा बचपन अपने भीतर जीवित रखने में कोई हानि नहीं है। मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
         बच्चों से थोड़ी सी मासुमियत, निस्वार्थ भावना अपने में समेट लेना । बचपन में लौट पाना तो सम्भव नहीं है, परंतु बच्चों के साथ प्रकृतीय सुख की अनुभूति कराने के लिए पर्याप्त है। उनके संग तुतलाना, घुटनों के बल चलना, खेलना कूदना और उनके पवित्र मन का साथी बनना किसी अध्यात्म से कम नहीं है।
बचपन शब्द ही मासुमियत और स्नेह से भरा हुआ है। यह जीवन की सबसे अनमोल अवस्था है, जिसमें हम चिंता और द्वेष से मुक्त होते हैं। बचपन की मासुमियत और निस्वार्थ भावना हमारे जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की शक्ति रखती है।
बचपन में हमारा मन पूरी तरह से खुला होता है, और हमारी सोच स्वच्छ और निर्मल होती है। हमारे दिल में किसी प्रकार की द्वेष या ईर्ष्या नहीं होती है। हम सिर्फ खुशियों और आनंद के पलों को जीते हैं। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारे जीवन में चिंताएं और द्वेष बढ़ने लगते हैं।
बचपन की वापसी तो संभव नहीं है, लेकिन हम बच्चों के साथ समय बिताकर उनकी मासुमियत और निस्वार्थ भावना को अपने जीवन में समेट सकते हैं। बच्चों के संग तुतलाना, घुटनों के बल चलना, खेलना कूदना और उनके पवित्र मन का साथी बनना हमें जीवन की सच्ची खुशी दिला सकता है।
बच्चों से सीखने की जरूरत है।
बच्चों से हमें मासुमियत, निस्वार्थ भावना, और खुले दिल की सोच सीखने की जरूरत है। बच्चे हमें यह सिखाते हैं कि जीवन को कैसे सरल और खुशी से जीया जा सकता है। वे हमें यह भी सिखाते हैं कि कैसे अपने दिल की सुननी चाहिए और अपने दिमाग की नहीं।
बच्चों के साथ समय बिताने के फायदे
बच्चों के साथ समय बिताने से हमें कई फायदे हो सकते हैं:
1. तनाव कम होता है
2. खुशी और आनंद बढ़ता है
3. हमारा दिल और दिमाग खुल जाता है
4. हमारी सोच सकारात्मक होती है
5. हमारे जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह आता है
बचपन जीवन की सबसे अनमोल अवस्था है, और हमें इसे कभी नहीं भूलना चाहिए। बच्चों के साथ समय बिताकर हम उनकी मासुमियत और निस्वार्थ भावना को अपने जीवन में समेट सकते हैं। यह हमें जीवन की सच्ची खुशी और आनंद दिला सकता है। इसलिए, आइए हम बच्चों के साथ समय बिताएं और उनकी मासुमियत को अपने जीवन में समेटें।

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