आत्मसम्मान और मनोबल की शक्ति

संपादकीय 23 अक्टूबर 2024।

  *आत्मसम्मान और मनोबल की शक्ति*


मान्यवर कांशीराम ने हमेशा शोषित, मजदूर और गरीब वर्गों को आत्मसम्मान और मनोबल की शक्ति के बारे में सिखाया। उन्होंने कभी मुफ्त अनाज का आह्वान नहीं किया, बल्कि इन वर्गों को देश के शासक होने का एहसास कराया।
इस संदर्भ में मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
उनके नेतृत्व में बसपा सरकार ने गरीब छात्रों को फ्री शीट एडमिशन दिलवाकर उच्च प्रोफेशनल शिक्षा दिलवाई। आज इन वर्गों का युवा मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी कर रहा है।
मान्यवर कांशीराम के संदेशों को ग्रहण करने से मनोबल मिलता है, जो हर समस्या को हल कर सकता है। उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, हमें अपने लक्ष्यों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए और विपत्ति को अवसर में बदलना चाहिए।

मान्यवर कांशीराम ने कहा कि कठिन समय में भी अपने लक्ष्य को मत छोड़िये।विपत्ति को अवसर में बदलिए।देश के संसाधनों पर आपका अधिकार है ।
शोषित,मजदूर एवम गरीब वर्गों को पांच किलो फ्री अनाज देकर सरकार एहसान जताती है जबकि मान्यवर साहब कांशीराम  ने कभी मुफ्त अनाज का आह्वान नहीं किया था। उसकी जगह उन्होंने शोषित समाज,मजदूर व गरीब समाज को बताया कि तुम इस देश के शासक हो।इससे इन वर्गों में मान्यवर साहब ने इतना ज्यादा मनोबल दिया कि इन वर्गों से डॉक्टर,इंजीनियर,शिक्षक से लेकर प्राइवेट सेक्टर में नौकरी प्राप्त करके अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा चुके हैं। मान्यवर साहब कांशीराम ने शोषित,गरीब एवम मजदूर वर्गो को सपने देखने के लिए प्रेरित किया क्योंकि सपने ही मनोबल देते है और लक्ष्य की तरफ अग्रसर करते हैं। सरकार बनने पर मान्यवर कांशीराम ने इन सपनों को पूरा करने के लिए अवसर पैदा किए यह अवसर ही है कि बसपा की सरकारों में गरीब छात्रों को फ्री शीट एडमिशन दिलवाकर उच्च प्रोफेशनल शिक्षा दिलवाई और आज इन वर्गों का काफी युवा मल्टीनेशनल कंपनियों तक में नौकरी कर रहें हैं।इसलिए मान्यवर साहब कांशीराम जी के संदेशों को ग्रहण करें इससे मनोबल मिलेगा और मनोबल हर समस्या को हल कर सकता हैं।

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