मधुर जुबान, मजबूत रिश्ते की आधारशिला
संपादकीय
(सोमानी रिसोर्ट खेड़ी ,बेगुन चित्तौड़गढ़, 22 नवंबर 2024)
*मधुर जुबान, मजबूत रिश्ते की आधारशिला*
कबीर दास जी के शब्दों में "ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए,ओरन को शीतल करें आपहुं शीतल होय।"
मधुर जुबान के रिश्तों के बारे में बेखुबी से लिखा गया है। एक देसी कहावत है कि यही जुबान घोड़े बैठा दे, और यही जुबान गधे बैठा दे इसलिए जुबान पर लगाम होनी चाहिए।
रिश्ता निभाने के लिए पहले जुबान से वास्ता पड़ता है। दिल तक तो कुछ खास लोग पहुंच पाते हैं।
जीवन का यही विधान है कि हमें अपने रिश्तों को निभाने के लिए पहले जुबान से वास्ता पड़ता है। लोगों का वास्ता पहले जुबान से पड़ता है, दिल तक तो कुछ खास लोग ही पहुंच पाते हैं। यह बात कि हमें अक्सर भूल जाते है और हम अपने रिश्तों में जुबान की जगह दिल को अधिक महत्व देते हैं।
लेकिन जुबान की शक्ति को नकारा नहीं जा सकता। जुबान से बोले गए शब्द हमारे रिश्तों को बना सकते हैं या बिगाड़ सकते हैं। अगर हम अपनी जुबान को सही तरीके से उपयोग करें, तो हम अपने रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं। इसलिए मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
युग- युगान्तर से जीवन का यही विधान है, जिंदगी ही समस्या है और जिंदगी ही निदान है । बहुत सौदे होते हैं इस संसार में, मगर सुख बेचने वाले और दुःख खरीदने वाले नहीं मिलते, पता नहीं क्यों ? लोग रिश्ते छोड़ देते हैं लेकिन अपनी जिद नहीं छोड़ते..!
अगर आप इस दुनिया व समाज से अपने लिए सर्वश्रेष्ठ पाने की उम्मीद रखते हैं तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एवं सदाचरण के साथ मेल-जोल और समय भी देना होगा । इसलिए दिल के अच्छे होने से बेहतर है कि आप जुबान के अच्छे हों क्योंकि लोगों का वास्ता पहले जुबान से पड़ता है, दिल तक तो कुछ खास लोग ही पहुंच पाते हैं।
इसलिए, अगर आप इस दुनिया व समाज से अपने लिए सर्वश्रेष्ठ पाने की उम्मीद रखते हैं, तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एवं सदाचरण के साथ मेल-जोल और समय भी देना होगा। आपको अपनी जुबान को अच्छे शब्दों से सजाना होगा और अपने रिश्तों में मधुरता लानी होगी।
उदाहरण के लिए, अगर आप अपने मित्र से बात करते समय मधुर शब्दों का उपयोग करते हैं, तो आपका मित्र आपके साथ अधिक जुड़ाव महसूस करेगा और आपके रिश्ते मजबूत होंगे। लेकिन अगर आप कटु शब्दों का उपयोग करते हैं, तो आपके रिश्ते खराब हो सकते हैं।
इसलिए, दिल के अच्छे होने से बेहतर है कि आप जुबान के अच्छे हों। आपकी जुबान आपके रिश्तों को बना सकती है या बिगाड़ सकती है। इसलिए, अपनी जुबान को सही तरीके से उपयोग करें और अपने रिश्तों को मजबूत बनाएं।
रिश्ता निभाने के लिए वास्ता पड़ता है पहले जुबान से, दिल तक तो पंहुच पाते हैं कुछ खास लोग। इसलिए, अपनी जुबान को अच्छे शब्दों से सजाएं और अपने रिश्तों में मधुरता लाएं। आपकी जुबान आपके रिश्तों को बना सकती है या बिगाड़ सकती है, इसलिए इसका सही तरीके से उपयोग करें।
Comments
Post a Comment