जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलू : इंसानियत और कर्म

संपादकीय@एडवोकेट हरेश पंवार 

 *जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलू : इंसानियत और कर्म* 
इंसानियत केवल रास्ता दिखाती है, लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुंचाता है। यह विचार हमें जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलुओं, इंसानियत और कर्म, के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है। यहां मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
इंसानियत हमें सहानुभूति, करुणा, और दया की भावना सिखाती है। यह हमें दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने और उनकी मदद करने के लिए प्रेरित करती है। लेकिन इंसानियत केवल रास्ता दिखाती है, यह हमें मंजिल तक नहीं पहुंचाती।
कर्म, दूसरी ओर, हमें मंजिल तक पहुंचाने में मदद करता है। यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है और हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
     अत:इंसानियत केवल रास्ता दिखाती है, लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुंचाता है। अपनी किस्मत को कभी दोष मत दीजिए। इंसान के रूप में जन्म मिला है, ये किस्मत नहीं तो और क्या है। कहते हैं कि रेत में गिरी हुई चीनी चींटी तो उठा सकती है, परंतु हाथी नहीं । इसलिए छोटे आदमी को कभी छोटा न समझें, कभी कभी वो भी बड़ा काम कर जाता है।       
   "बुराई" करना रोमिंग की तरह है। करो तो भी चार्ज लगता है और सुनो तो भी चार्ज लगता है और "नेकी" करना जीवन बीमा की तरह है, जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी। इसलिए "इंसानियत" की प्रीमियम भरते रहिये और अच्छे कर्मों का "बोनस" पाते रहिए।
लेकिन कर्म केवल हमारे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नहीं है, बल्कि यह हमें दूसरों की मदद करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी प्रेरित करता है।
इसलिए, इंसानियत और कर्म दोनों ही जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। हमें इंसानियत की भावना को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए और कर्म के माध्यम से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए काम करना चाहिए।

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