समझौते का नाम भी, जिंदगी है।
संपादकीय 5 नवंबर 2024
*समझौते का नाम भी, जिंदगी है।*
जीवन में सफलता और शांति के लिए समझौता करना आवश्यक है। जब हम अपने मन और शरीर से समझौता कर सकते हैं, तो दूसरों से सम्मानजनक समझौता करने में संकोच क्यों? हर व्यक्ति को अपने हिसाब से नहीं चलाया जा सकता, और जो ऐसा करने की कोशिश करते हैं, उनका जीवन वाद-विवाद और लड़ाई-झगड़े में ही व्यतीत होता है। यदि मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे बोलता है।
जब हम अपने मन और शरीर से समझौता कर सकते हैं तो हम दूसरों से सम्मानजनक समझौता करने में संकोच क्यों करते हैं? हर इंसान को अपने हिसाब से नहीं चलाया जा सकता और जो इंसान सबको अपने हिसाब से चलाने की अनावश्यक कौशिश करते हैं, उनका जीवन हमेशा वाद विवाद और लड़ाई झगड़े में ही व्यतीत होता है।
हमेशा मनचाहे माहौल में रहना और विकट स्थितियों में बिना समझौते किए जिंदगी जीना केवल कल्पना है । बिना समझौते के टकराव की नीति अपनाने से बैर, विरोध, द्वेष और कटुता को ही बढ़ावा मिलता है जो विनाश का कारण बनता है। जिंदगी समझौते का ही दूसरा नाम है जिसमें रिश्ते नातों को सफलतापूर्वक निभाया जाता है और इसके साथ ही समझदारी से रिश्ते नाते निभाने पर समाज व परिवार में भी आनंद का माहौल बनता है।
मनचाहे माहौल में रहना और विकट स्थितियों में बिना समझौते किए जिंदगी जीना केवल कल्पना है। बिना समझौते के टकराव की नीति अपनाने से बैर, विरोध, द्वेष और कटुता को बढ़ावा मिलता है, जो विनाश का कारण बनता है।
जिंदगी समझौते का ही दूसरा नाम है, जहां रिश्ते नातों को सफलतापूर्वक निभाया जाता है। समझदारी से रिश्ते नाते निभाने पर समाज और परिवार में आनंद का माहौल बनता है। इसलिए, जीवन में समझौता करना सीखें और शांति से जीवन व्यतीत करें।
समझौते के महत्व:
- व्यक्तिगत और सामाजिक शांति
- रिश्तों में मजबूती
- वाद-विवाद और लड़ाई-झगड़े से बचाव
- समाज और परिवार में आनंद का माहौल
- जीवन की सफलता और संतुष्टि
इसलिए, जीवन में समझौता करना सीखें और इसके महत्व को समझें।
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