संघर्ष से ही उज्जवल भविष्य का निर्माण संभव

संपादकीय: एडवोकेट हरेश पंवार 
22 दिसम्बर 2024

 *संघर्ष से ही उज्जवल भविष्य का निर्माण  संभव* 
संघर्ष मानव जीवन का एक अपरिहार्य पड़ाव है। वास्तव में संघर्ष के साये में ही उज्जवल भविष्य के निर्माण का फल निहित है। संघर्षों से डरकर भागने वाला या संघर्ष के जोखिम से राह बदलने वाला व्यक्ति कभी भी समाज का प्रेरक नहीं हो सकता। यहां मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है। 
जीवन ही संघर्ष है आज जिसने संघर्ष किया है तो कल उसकी जीत है। अतः आज के संघर्ष से ही हमारे सुखमय जीवन के उज्जवल भविष्य का निर्माण संभव है ।
संघर्ष मानव जीवन का एक अपरिहार्य पड़ाव है । वास्तव में संघर्ष के साये में ही उज्जवल भविष्य के निर्माण का फल निहित है । संघर्षों से डरकर भागने वाला या संघर्ष के जोखिम से राह बदलने वाला व्यक्ति कभी भी समाज का प्रेरक नहीं हो सकता क्योंकि समाज को प्रेरणा वही व्यक्ति दे सकता है जिसका निर्माण संघर्षों के साये में हुआ हो ।
  इस दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं है जिसके जीवन में संघर्ष ना हुआ हो । जीवन में विकट परिस्थितियों का सामना किये बिना यदि कुछ हासिल हो भी जाता है तो उस उपलब्धि का कोई महत्व नहीं होता । जीवन जब संघर्षों से गुजर रहा हो तो उसका आनंद लेना ही हितकारी है क्योंकि आज के संघर्ष से ही हमारे सुखमय जीवन के उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है।     
इस दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं है जिसके जीवन में संघर्ष ना हुआ हो। जीवन में विकट परिस्थितियों का सामना किये बिना यदि कुछ हासिल हो भी जाता है तो उस उपलब्धि का कोई महत्व नहीं होता। जीवन जब संघर्षों से गुजर रहा हो तो उसका आनंद लेना ही हितकारी है, क्योंकि आज के संघर्ष से ही हमारे सुखमय जीवन के उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है।

एक उदाहरण के रूप में, एक छात्र जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहा है, वह यदि संघर्षों से डरकर भाग जाता है तो वह कभी भी अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाएगा। लेकिन यदि वह संघर्षों का सामना करता है और उनके साये में रहता है तो वह निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा।

इसलिए, हमें संघर्षों से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उनका सामना करना चाहिए और उनके साये में रहना चाहिए। इससे हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी और हमारे सुखमय जीवन के उज्जवल भविष्य का निर्माण होगा।

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