किसी को कभी छोटा न समझें
संपादकीय@ एडवोकेट हरेश पंवार
20 दिसम्बर 2024
*किसी को कभी छोटा न समझें*
जीवन में हम अक्सर लोगों को उनके आकार, उम्र या स्थिति के आधार पर आंकते हैं। लेकिन यह हमेशा सही नहीं होता है। कभी-कभी छोटे आदमी भी बड़ा काम कर जाते हैं। यहां मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
एक बार आइसक्रीम बनाने वाली फैक्ट्री के मालिक ने अपने प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने तथा बाजार का व्यापक विस्तार करने के लिए अपने सभी एम्पलाईज की एक मीटिंग बुलाई। जिसमें एक्सपर्ट लोगों को भी शामिल किया गया और उनके सुझाव जान गए । ताकि उनके व्यापार में काफी इजाफा हो सके। मार्केटिंग के एक्सपर्ट लोगों ने भी सुझाव दिए। काफी समय चली मीटिंग में उपस्थित लोगों को आइसक्रीम भी खिलाई गई। आइसक्रीम खाने के बाद आइसक्रीम को पकड़ने वाली लकड़ी की डंडी को उपस्थित लोगों ने सभा कक्ष में इधर-उधर फैक दी। सफाई कर्मचारी यह सब दृश्य देख रहा था, और अपनी ड्यूटी के मुताबिक हाल की सफाई करने में व्यस था। इसी दौरान उनके मन में एक आइडिया आया और मीटिंग का समग्र निष्कर्ष आने के बाद आइसक्रीम कंपनी के मालिक मीटिंग के नतीजे पर पहुंचने ही वाले थे। इतने में वह सफाई कर्मचारी ने अपने मालिक को एक सुझाव दिया और कहां कि साहब कोई आइसक्रीम ऐसी भी बनाई जा सकती है क्या? जिसकी डडी भी साथ खाई जा सकती है। जिससे प्रोडक्ट बनाने में लेबर भी कम लगेगी और प्रदुषण भी नहीं होगा। मालिक ने नौकर का सुझाव मान लिया और साॅफ्टी का प्रोडक्ट बना दिया। इस उदाहरण से सीख मिलती है की छोटे आदमी को छोटा ना समझा जाए कभी-कभी वह भी बड़ा काम कर सकता है।
महापुरुष केवल रास्ता दिखाते हैं, लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुंचाता है। इसलिए, हमें अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और अपनी किस्मत को कभी दोष नहीं देना चाहिए। इंसान के रूप में जन्म मिला है, यह किस्मत नहीं तो और क्या है।
एक उदाहरण के रूप में, एक चींटी रेत में गिरी हुई चीनी को उठा सकती है, लेकिन हाथी नहीं। इससे हमें यह सीखने को मिलता है कि छोटे आदमी को छोटा न समझें, कभी-कभी वो भी बड़ा काम कर जाते हैं।
बुराई करना रोमिंग की तरह है, करो तो भी चार्ज लगता है और सुनो तो भी चार्ज लगता है। लेकिन नेकी करना जीवन बीमा की तरह है, जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी। इसलिए, हमें महापुरुषों के मार्गदर्शन का अनुसरण करना चाहिए और अच्छे कर्म का बोनस पाना चाहिए।
इसलिए, हमें अपने जीवन में अच्छे कर्म करने का प्रयास करना चाहिए और छोटे आदमी को छोटा न समझना चाहिए। कभी-कभी वो भी बड़ा काम कर जाते हैं।
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