नशे की गिरफ्त में युवा- शादियों में बार लगाने की परंपरा का आविर्भाव

संपादकीय-
दिनांक 19 फरवरी 2025। 

नशे की गिरफ्त में युवा

 *शादियों में बार लगाने की परंपरा का आविर्भाव* 
शादी जैसे पवित्र बंधन में फेरे की रस्म में फेरे देखने वालों की भीड़ कभी हुआ करती थी लेकिन यह चारम अब बिल्कुल खत्म हो गया है। शादी समारोह में शामिल होने वाले युवाओं का एक ही निशान रहता है दारू बियर की तान कहां लगे। मंडप से लेकर स्वागत द्वार तक हुकों की प्रदर्शनी और तरह-तरह के फ्लेवर के धुंआ के गुबार से आनंद लेते न केवल युवाओं को बल्कि आजकल महिलाओं को भी देखा जा सकता है।

 दारू बियर के अलग से लगने वाले टैंट में झूम रही भीड़ के दृश्य को देखकर आपको नहीं लगता कि समाज की बड़ी तादाद नशे की गिरफ्त में जा रही है। और समाज सामूहिक रूप से गुनहगार बनता जा रहा है। एंजॉय के नाम पर शराब की परिवहन करते हुए कई बार शादी विवाह के समय दूल्हे तक ड्रग्स एक्ट में गिरफ्तार होते देखे गए हैं। लेकिन विवाह शादियों में लगने वाले इस बार के बारे में समाज की क्या राय है। कोई किसी को मतलब नहीं। 

इन दिनों टेंट व्यवसाईयों के साथ-साथ हुक्का व्यवसाययों का प्रचलन बड़ा है। बियर बार डेकोरेशन आलीशान होटलों की तर्ज पर गांवों में भी टैंट के  बार सजने लगे हैं। जो मंडप से भी ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाने लगा है। दूल्हे के दोस्त दुल्हन के घर तक ही नहीं पहुंचते उससे पहले ही मदहोश होकर टेंट में झूमते हुए आते हैं।

 सेल्फी पॉइंट पर फोटो खींची और सोशल मीडिया पर हिजरा कर मौज मस्ती के साथ चलते समय गाल में पान दबाकर बदबू मिटाने की कोशिश करते हैं। ताकि घर जाने पर घर वालों को ना पता चले। लेकिन घर वालों को एक बात के लिए अगाह कर देना चाहता हूं‌ यदि मां-बाप की निगरानी के बिना बच्चा दोस्तों की संगति में पर्सनल गाड़ी किराए/रेंट आदि पर लेकर दोस्त की शादी में जा रहा है तो समझ लो अगले दिन आपका बेटा नशे की आदतों का लाइसेंस लेकर आ रहा है।

 मेरी यह बात मत मानो लेकिन आपने दो या तीन बार लापरवाही कर दी तो यह कंट्रोलिंग पावर आपके हक से जा चुकी है आप रोक नहीं सकते खैर शादी विवाह के एंजॉय के माहौल में मैं क्यों खलल करूं। लेकिन मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।

नशे की गिरफ्त में युवा पीढ़ी का बढ़ता चलन एक गंभीर चिंता का विषय है। शादियों में बार लगाने की परंपरा का आविर्भाव इस समस्या को और भी बढ़ावा दे रहा है।

शादी जैसे पवित्र बंधन में फेरे की रस्म में फेरे देखने वालों की भीड़ कभी हुआ करती थी, लेकिन अब यह चारम आप बिल्कुल खत्म हो गया है। बारात में शामिल होने आए लोग अब शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने में अधिक रुचि लेते हैं।

इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि समाज में बढ़ती धन-संपत्ति, पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव, और नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता। लेकिन यह समस्या न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा है।

इस समस्या का समाधान निकालने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा। हमें अपने समाज में नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी, और हमें अपने युवाओं को शिक्षित करना होगा कि नशीले पदार्थों का सेवन कितना हानिकारक हो सकता है।

इसके अलावा, हमें अपनी शादी जैसे समारोहों में बार लगाने की परंपरा को बदलने की जरूरत है। हमें अपने समारोहों में अधिक सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों को शामिल करना चाहिए, जो हमारी युवा पीढ़ी को हमारी संस्कृति और परंपराओं के बारे में शिक्षित कर सकें।

आखिरकार, हमें अपने समाज को नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त करने के लिए एक साथ मिलकर काम करना होगा। हमें अपने युवाओं को शिक्षित करना होगा, और हमें अपने समाज में नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी।

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