समय – सबसे बड़ा, अपना या पराया
✍️ संपादकीय
20/06/2028
"समय – सबसे बड़ा, अपना या पराया"
"किसी ने पूछा: इस दुनिया में आपका अपना कौन है? बहुत सुंदर जवाब था – समय, अगर वो सही है तो सब अपने, अगर वो गलत है तो अपने भी पराए लगते हैं।"
इस संसार में मनुष्य का जीवन अनेक संबंधों, भावनाओं और परिस्थितियों की उलझनों से बुना होता है। रिश्ते-नाते, मित्रता, परिवार, समाज – ये सब जीवन की यात्रा में हमारे सहचर हैं, परंतु एक ऐसा साथी है जो अदृश्य होते हुए भी सबसे प्रभावशाली है – वह है "समय"। यहां मैं बोलूंगा तो फिर कहोगे कि बोलता है।
आज के दौर में जब जीवन की गति असामान्य रूप से तेज हो चुकी है, यह प्रश्न और अधिक प्रासंगिक हो गया है कि – आखिर इस दुनिया में हमारा "अपना" कौन है? कथन में दिया गया उत्तर – “समय” – एक अत्यंत गूढ़ और सत्य भाव को प्रकट करता है। यह केवल दार्शनिक विचार नहीं, बल्कि जीवन का ठोस अनुभव है।
जब समय अच्छा होता है, तो दुनिया में सब कुछ सुंदर लगता है – संबंध प्रगाढ़ होते हैं, मित्रता सजीव होती है, और समाज में प्रतिष्ठा का अनुभव होता है। लेकिन जैसे ही समय बदलता है, विशेषकर जब वह कठिन दौर लेकर आता है, वही मित्र दूर हो जाते हैं, सगे-संबंधी अनदेखा कर देते हैं, और दुनिया का रंग फीका पड़ने लगता है। ऐसे में इंसान को महसूस होता है कि "समय" ही उसका सबसे बड़ा साथी या विरोधी है।
यह कथन हमें आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करता है। क्या हम केवल अच्छे समय में ही रिश्तों को निभाते हैं? क्या हम दूसरों का साथ तब छोड़ देते हैं जब वे कठिनाई में होते हैं? और क्या हम अपने कठिन समय में धैर्य रखते हैं या स्वयं को ही दोषी मान बैठते हैं?
सच यही है कि समय न तो स्थायी है और न ही पक्षपाती। वह तो केवल बहता हुआ एक धारा है, जो कभी मीठी होती है, तो कभी खारी। समझदारी इसी में है कि हम इस समय की प्रकृति को समझें और उसे अपना सबसे अच्छा मित्र मानें – चाहे वह सुखद हो या दुःखद।
समय का मूल्य वे ही समझ सकते हैं जिन्होंने जीवन में उतार-चढ़ाव देखे हों। इसलिए हमें दूसरों के साथ भी उसी संवेदना के साथ खड़ा रहना चाहिए, जैसे हम अपने कठिन समय में दूसरों से अपेक्षा रखते हैं।
यह कथन हमें एक साधारण सवाल के माध्यम से जीवन का गहरा सत्य सिखाता है – कि "समय" ही वास्तव में हमारा अपना है। इसे समझिए, इसे अपनाइए, और इसके अनुसार अपने संबंधों और दृष्टिकोण को गढ़िए। तभी आप जीवन की हर धारा में संतुलन बनाए रख पाएंगे।
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